हमारा शरीर लगभग 60% पानी से बना है। खून से लेकर हड्डियों तक और मस्तिष्क से लेकर मांसपेशियों तक, शरीर के हर हिस्से को ठीक से काम करने के लिए पानी की जरूरत होती है। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खानपान और पर्याप्त पानी न पीने की आदत के कारण शरीर में पानी की कमी होना एक आम समस्या बन चुकी है। डॉक्टरी भाषा में इसे डिहाइड्रेशन (Dehydration) कहा जाता है।
लोग अक्सर डिहाइड्रेशन को बेहद सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है? जब बात हेल्थ की हो, तो डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय जानना बहुत जरूरी हो जाता है। इससे आप समय रहते किसी भी गंभीर स्थिति से बच सकते हैं।
इस गाइड में हम विस्तार से जानेंगे कि body me pani ki kami se kya hota hai, इसके मुख्य संकेत क्या हैं। इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं। डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय क्या-क्या हो सकते हैं।
डिहाइड्रेशन क्या है? (What is Dehydration?)
जब हमारे शरीर से निकलने वाले पानी (पसीने, पेशाब और थूक के रूप में) की मात्रा, हमारे द्वारा पिए जाने वाले पानी की मात्रा से अधिक हो जाती है, तो उस स्थिति को डिहाइड्रेशन या निर्जलीकरण कहते हैं। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो खनिज (Minerals) जैसे सोडियम, पोटैशियम और क्लोराइड का संतुलन भी बिगड़ जाता है। इससे बॉडी ऑर्गन की फंक्शन प्रभावित होने लगती है।
डिहाइड्रेशन मुख्य रूप से तीन प्रकार का हो सकता है:
माइल्ड (Mild): शरीर में सामान्य पानी की कमी, जिसे तुरंत पानी पीकर ठीक किया जा सकता है।
मॉडरेट (Moderate): शरीर में सामान्य से अधिक पानी की कमी, जिसमें शरीर स्पष्ट संकेत देने लगता है।
सीवियर (Severe): शरीर में बहुत अधिक पानी की कमी, जिसमें तुरंत मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत होती है।
शरीर में पानी की कमी होने के लक्षण (Symptoms of Dehydration)
शरीर में पानी की कमी रातों-रात नहीं होती। हमारा शरीर बहुत समझदार है; पानी की कमी होने पर यह हमें कई तरह के संकेत और लक्षण भेजने लगता है। शरीर में पानी की कमी होने के लक्षण को पहचानकर सही समय पर कदम उठाना बेहद जरूरी है। आइए इन्हें विस्तार से समझते हैं।
1. पानी की कमी के शुरुआती और सामान्य लक्षण (Early Symptoms)
* बार-बार प्यास लगना: यह शरीर का सबसे पहला और स्पष्ट संकेत है कि आपको पानी की जरूरत है।
* पेशाब का रंग गाढ़ा पीला होना: अगर आपका शरीर हाइड्रेटेड है, तो पेशाब का रंग साफ या हल्का पीला होना चाहिए। अगर यह गहरा पीला या संतरी दिख रहा है, तो यह डिहाइड्रेशन का पक्का संकेत है।
* पेशाब की मात्रा में कमी: दिनभर में बहुत कम बार पेशाब आना या कई घंटों तक पेशाब न होना।
* मुंह, होंठ और जीभ का सूखना: शरीर में थूक (Saliva) का निर्माण कम होने लगता है जिससे मुंह सूखा महसूस होता है।
2. पानी की कमी के मध्यम से गंभीर लक्षण (Moderate to Severe Symptoms)
* सिरदर्द और चक्कर आना: मस्तिष्क में पानी की कमी के कारण टिश्यूज सिकुड़ने लगते हैं, जिससे तेज सिरदर्द या भारीपन महसूस होता है।
* अत्यधिक थकान और सुस्ती: पानी की कमी से ब्लड प्रेशर लो हो जाता है और ऑक्सीजन का फ्लो धीमा पड़ता है, जिससे बिना काम किए भी कमजोरी लगती है।
* त्वचा का रूखा और बेजान होना: त्वचा की चमक खो जाती है और त्वचा को खींचने पर वह तुरंत अपनी सामान्य स्थिति में नहीं लौटती (Skin Turgor)।
* मांसपेशियों में ऐंठन (Cramps): खासकर पैरों और पेट की मांसपेशियों में अचानक तेज दर्द या ऐंठन होना।
* दिल की धड़कन तेज होना: खून का वॉल्यूम कम होने के कारण दिल को पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे धड़कनें / हार्ट बीट बढ़ जाती हैं।
डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय: शरीर में पानी की कमी के 3 मुख्य चरण
शरीर में पानी की कमी को बेहतर ढंग से समझने के लिए हमें इसके स्टेज को जानना होगा। हर स्टेज में डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय बदल जाते हैं।
शरीर में सामान्य पानी की कमी (Mild to Moderate Dehydration in Body)
इस चरण में व्यक्ति को हल्की प्यास, थोड़ा सिरदर्द और चिड़चिड़ापन महसूस होता है। शरीर को काम में 10% तक की कमी आ सकती है। इस स्थिति में डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय के तहत केवल सादा पानी या नींबू पानी पीना ही पर्याप्त होता है।
शरीर में अधिक पानी की कमी (Severe Dehydration in Body)
जब शरीर में पानी की कमी 10% से अधिक हो जाती है, तो स्थिति गंभीर हो जाती है। इसमें व्यक्ति का ब्लड प्रेशर तेजी से गिरता है, जीभ पूरी तरह सूख जाती है, आंखें अंदर धंस जाती हैं और व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है। इस स्थिति में घरेलू उपचार काम नहीं आते, बल्कि मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाकर आईवी फ्लूइड्स (IV Fluids) चढ़ाने की जरूरत होती है।
Body me pani ki kami se kya hota hai: शरीर पर असर
अगर आप सोच रहे हैं कि body me pani ki kami se kya hota hai, तो आपको बता दें कि पानी की कमी आपके सिर के बालों से लेकर पैर के नाखूनों तक, हर हिस्से को प्रभावित करती है:
| प्रभावित अंग | पानी की कमी का असर (Effect of Dehydration) |
| मस्तिष्क (Brain) | एकाग्रता (कंसंट्रेशन) में कमी, चिड़चिड़ापन, भूलने की बीमारी और गंभीर मामलों में भ्रम (Confusion) की स्थति उत्पन्न होना। |
| पाचन तंत्र (Digestion) | कब्ज की समस्या, एसिडिटी और पेट में जलन। |
| किडनी (Kidney) | टॉक्सिन्स का जमा होना, पथरी का खतरा (किडनी स्टोन) और किडनी फेलियर। |
| त्वचा (Skin) | समय से पहले झुर्रियां, सूखापन, मुंहासे और डलनेस। |
| जोड़ (Joints) | जोड़ों में दर्द और घर्षण बढ़ना (क्योंकि कार्टिलेज में 80% पानी होता है)। |
जब हम गहराई से देखते हैं कि body me pani ki kami se kya hota hai, तो पता चलता है कि पानी की कमी से हमारे खून का घनत्व (Blood Density) बढ़ जाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है। इसके कारण दिल को पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है।
शरीर में पानी की कमी से होने वाले रोग (Diseases Caused by Dehydration)
यदि डिहाइड्रेशन की समस्या लंबे समय तक बनी रहे या बार-बार हो, तो यह केवल सामान्य कमजोरी तक सीमित नहीं रहती। आइए जानते हैं कि शरीर में पानी की कमी से होने वाले रोग कौन-कौन से हैं:
1. किडनी स्टोन और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI)
जब शरीर में पानी पर्याप्त होता है, तो किडनी आसानी से अपशिष्ट पदार्थों को पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देती है। पानी की कमी होने पर पेशाब में मिनरल्स और लवण जमा होने लगते हैं, जो बाद में क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं। इसी को किडनी स्टोन (पथरी) कहा जाता है। इसके अलावा, कम पानी पीने से बैक्टीरिया मूत्र मार्ग से बाहर नहीं निकल पाते, जिससे UTI का खतरा बढ़ जाता है।
2. गंभीर कब्ज और बवासीर (Chronic Constipation & Piles)
पाचन प्रक्रिया में पानी मुख्य भूमिका बनाता है। जब आप कम पानी पीते हैं, तो बड़ी आंत (Large Intestine) भोजन के कचरे से पानी सोख लेती है। इससे मल सख्त और सूखा हो जाता है, जिससे पुरानी कब्ज की समस्या पैदा होती है। लंबे समय तक कब्ज रहने से बवासीर (Piles) या फिशर जैसी दर्दनाक बीमारियां हो सकती हैं।
3. हीट स्ट्रोक या लू लगना (Heat Stroke)
गर्मियों के दिनों में यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। जब आप धूप या अत्यधिक गर्मी में काम करते हैं और पानी नहीं पीते, तो शरीर पसीना बनाना बंद कर देता है। पसीना न आने से शरीर अपना तापमान नियंत्रित नहीं कर पाता, जिससे शरीर का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाता है। इसे हीट स्ट्रोक कहते हैं।
4. लो ब्लड प्रेशर और शॉक (Hypovolemic Shock)
पानी की कमी से शरीर में रक्त की कुल मात्रा (Blood Volume) घट जाती है। इससे ब्लड प्रेशर अचानक बहुत कम हो जाता है। गंभीर मामलों में यह ‘हाइपोवोलेमिक शॉक’ का रूप ले लेता है, जो कि एक मेडिकल इमरजेंसी है क्योंकि इसमें अंगों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती।
5. जोड़ों का दर्द और गठिया (Joint Pain & Arthritis)
हमारे जोड़ों के बीच में मौजूद कार्टिलेज (Cartilage) उन्हें आपस में टकराने से रोकता है। इस कार्टिलेज का एक बड़ा हिस्सा पानी से बना होता है। पानी की कमी से जोड़ों का लुब्रिकेशन खत्म हो जाता है, जिससे जोड़ों में घर्षण और दर्द शुरू हो जाता है, जो आगे चलकर गठिया का कारण बन सकता है।
6. क्रोनिक थकान और मानसिक धुंध (Brain Fog)
मस्तिष्क का लगभग 75-80% भाग पानी से बना है। जब शरीर में पानी की लगातार कमी रहती है, तो मस्तिष्क की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को हमेशा थकान महसूस होती है, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है और मानसिक धुंध (Brain Fog) की स्थिति बनी रहती है।
डिहाइड्रेशन के मुख्य कारण (Causes of Dehydration)
कम पानी पीना डिहाइड्रेशन का एकमात्र कारण नहीं है। इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं:
1. डायरिया और उल्टी (Diarrhea & Vomiting): दस्त या उल्टी होने पर शरीर से अचानक बहुत सारा पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं।
2. अत्यधिक पसीना आना: गर्मियों में, जिम में वर्कआउट के दौरान या बुखार होने पर ज्यादा पसीना निकलने से पानी की कमी हो जाती है।
3. बार-बार पेशाब आना (Frequent Urination): अनियंत्रित डायबिटीज (Diabetes) के मरीजों या कुछ दवाओं (Diuretics) के सेवन से पेशाब ज्यादा आता है।
4. चाय, कॉफी और शराब का अत्यधिक सेवन: ये चीजें ‘डाईयूरेटिक’ होती हैं, जो शरीर से पानी को बाहर खींचती हैं।
डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय: विस्तृत उपचार गाइड
अब बात करते हैं सबसे जरूरी विषय की—डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय। अगर आपको शरीर में पानी की कमी के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो नीचे दिए गए उपायों को अपनाकर आप खुद को तुरंत रीहाइड्रेट कर सकते हैं। डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय को दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है: तुरंत किए जाने वाले उपाय और दीर्घकालिक आदतें।
तुरंत किए जाने वाले उपाय (Instant Remedies)
1. ओआरएस (ORS – Oral Rehydration Solution) का घोल
जब डिहाइड्रेशन मध्यम स्तर का हो, तो सिर्फ सादा पानी काफी नहीं होता क्योंकि शरीर से नमक भी निकल चुका होता है। ऐसे में ORS का घोल सबसे अचूक उपाय है। यह शरीर में पानी और सोडियम-पोटैशियम के संतुलन को तुरंत बहाल करता है।
घर पर ORS बनाने का तरीका: 1 लीटर साफ पानी में 6 छोटी चम्मच चीनी और आधा छोटा चम्मच नमक मिलाकर अच्छी तरह घोल लें। इसे थोड़ी-थोड़ी देर में पीते रहें। यह डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय में सबसे पहला और सबसे प्रभावी कदम है।
2. नारियल पानी का सेवन
नारियल पानी को प्रकृति का सबसे अच्छा इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक माना जाता है। इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह बिना किसी साइड इफेक्ट के शरीर को तुरंत एनर्जी देता है और पानी की कमी दूर करता है।
3. नींबू पानी और सेंधा नमक
एक गिलास सामान्य पानी में आधा नींबू निचोड़ें और उसमें एक चुटकी सेंधा नमक और थोड़ी सी मिश्री या शहद मिलाएं। यह मिश्रण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स के स्तर को तुरंत सुधारता है और जी मिचलाने की समस्या को भी कम करता है।
दीर्घकालिक और आदत बदलने वाले उपाय (Long-term Measures)
4. पर्याप्त और नियमित पानी पीने का नियम बनाएं
दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास (लगभग 2.5 से 3 लीटर) पानी जरूर पीएं। प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि हर एक-दो घंटे में आधा या एक गिलास पानी पीते रहने की आदत डालें। इसके लिए आप मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल भी कर सकते हैं जो पानी पीने की याद दिलाते हैं।
5. पानी से भरपूर फलों और सब्जियों को डाइट में शामिल करें
केवल पानी पीकर ही नहीं, बल्कि खानपान के जरिए भी डिहाइड्रेशन से बचा जा सकता है। अपनी डाइट में ऐसी चीजें शामिल करें जिनमें पानी की मात्रा 80-90% से ज्यादा हो:
1. फल: तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, स्ट्रॉबेरी, और अनानास।
2. सब्जियां: खीरा, ककड़ी, टमाटर, लौकी, तोरई, और हरी पत्तेदार सब्जियां।
6. पारंपरिक पेय पदार्थों का उपयोग
भारतीय घरों में गर्मियों में पिए जाने वाले पारंपरिक पेय जैसे सेंधा नमक और जीरा डली छाछ, पुदीने का रस, जौ का पानी, या आम पन्ना डिहाइड्रेशन के बेहतरीन उपाय हैं। ये न केवल पेट को ठंडा रखते हैं बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को भी पूरा करते हैं।
7. कैफीन और डिब्बाबंद जूस से दूरी बनाएं
ज्यादा चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेट बंद मीठे जूस पीने से बचें। ये चीजें अस्थाई रूप से प्यास बुझा सकती हैं, लेकिन इनमें मौजूद कैफीन और अत्यधिक शुगर शरीर को और ज्यादा डिहाइड्रेट करती है।
विशेष परिस्थितियों में डिहाइड्रेशन: बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल
डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय को समझते समय हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में सबसे जल्दी आते हैं।
बच्चों में डिहाइड्रेशन
1. छोटे बच्चे अक्सर यह नहीं बता पाते कि उन्हें प्यास लगी है। बच्चों में शरीर में पानी की कमी होने के लक्षण कुछ इस प्रकार दिखते हैं:
2. रोते समय आंखों से आंसू न आना।
3. 6 घंटे से अधिक समय तक डायपर का सूखा रहना।
4. स्वभाव में अत्यधिक चिड़चिड़ापन या सुस्ती।
5. सिर के ऊपरी हिस्से (तालू) का अंदर धंसा हुआ दिखना।
6. खाने में रुचि न लेना।
7. सामान्य से अधिक नींद लेना।
8. शरीर का तापमान कम होना।
9. नाक से बाहर निकलने वाले तरल पदार्थ का अधिक होना।
उपाय: बच्चों को हर थोड़ी देर में चम्मच से पानी, ओआरएस या मां का दूध (शिशुओं के लिए) देते रहें।
बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन
उम्र बढ़ने के साथ शरीर में प्यास लगने की प्राकृतिक क्षमता कम हो जाती है। बुजुर्गों में शरीर में पानी की कमी से होने वाले रोग जैसे यूरिन इन्फेक्शन और भ्रम की स्थिति बहुत जल्दी पैदा होती है।
उपाय: बुजुर्गों को याद दिलाकर पानी, सूप, मट्ठा या जूस पीने को दें, भले ही उन्हें प्यास न लगी हो।
मौसम के अनुसार डिहाइड्रेशन से बचने की रणनीतियाँ
अक्सर लोग सोचते हैं कि डिहाइड्रेशन केवल गर्मियों की समस्या है, लेकिन ऐसा नहीं है। यह हर मौसम में अलग रूप में सामने आता है, इसलिए मौसम के अनुसार डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय जानना जरूरी है।
1. गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचाव
गर्मियों में अत्यधिक पसीना निकलने के कारण पानी की कमी होना सबसे आम है।
उपाय: जब भी धूप में बाहर निकलें, अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें। सूती और ढीले कपड़े पहनें ताकि पसीना आसानी से सूख सके। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अत्यधिक शारीरिक श्रम वाले कामों से बचें।
2. सर्दियों में डिहाइड्रेशन से बचाव
सर्दियों में हमें प्यास कम लगती है और ठंडी हवाओं के कारण शरीर की नमी जल्दी उड़ जाती है। लोग पानी पीना बहुत कम कर देते हैं, जिससे अंदरूनी रूप से पानी की भारी कमी हो जाती है।
उपाय: सर्दियों में गुनगुना पानी पीएं। हर्बल टी, सूप और गर्म दूध का सेवन बढ़ाएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहने के साथ-साथ गर्म भी रहे।
3. मानसून (बरसात) में डिहाइड्रेशन से बचाव
बरसात के मौसम में उमस (Humidity) बढ़ जाती है। जिससे शरीर में पसीना सूखता नहीं है। शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इस मौसम में दूषित पानी के कारण दस्त और उल्टी की समस्याएं बहुत होती हैं।
उपाय: हमेशा पानी को उबालकर या फिल्टर करके ही पीएं। बाहर के खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करें ताकि फूड पॉइजनिंग और डायरिया जैसी बीमारियों से बचा जा सके।
उम्र और वजन के अनुसार शरीर में पानी की आवश्यकता (Water Requirement)
हर व्यक्ति को एक समान पानी की आवश्यकता नहीं होती। यह उम्र, वजन और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करता है:
बच्चों के लिए (1-8 वर्ष): 1 से 1.5 लीटर पानी रोज।
महिलाओं के लिए: 2 से 2.5 लीटर पानी रोज (गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 3 लीटर तक पीना चाहिए)।
पुरुषों के लिए: 3 से 3.5 लीटर पानी रोज।
एथलीट या जिम जाने वालों के लिए: वर्कआउट के दौरान और बाद में, सामान्य से 500ml से 1 लीटर अधिक पानी।
निष्कर्ष (Conclusion)
जल ही जीवन है – यह कहावत हम बचपन से सुनते आ रहे हैं। लेकिन इसे गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। शरीर में पानी की कमी आपके डेली लाइफ, मूड और स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। इस ब्लॉग में बताए गए डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय को ध्यान में रखें। अपने शरीर के संकेतों (जैसे पेशाब का रंग या सिरदर्द) को पहचानें और खुद को हमेशा हाइड्रेटेड रखें।
याद रखें, एक स्वस्थ शरीर की शुरुआत पानी की हर एक घूंट से होती है। डिहाइड्रेशन जैसी समस्या को केवल थोड़ा सा ध्यान देकर आसानी से रोका जा सकता है। आज ही से पर्याप्त पानी पीने का संकल्प लें, अपने परिवार को जागरूक करें और स्वस्थ रहें!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरे शरीर में पानी की कमी है?
उत्तर: इसके सबसे आसान संकेत हैं – गहरे पीले रंग का पेशाब आना, मुंह और होठों का बार-बार सूखना, बिना वजह सिरदर्द होना, अत्यधिक थकान महसूस होना और त्वचा का रूखा होना। ये सभी प्राथमिक शरीर में पानी की कमी होने के लक्षण हैं।
प्रश्न 2: क्या बहुत अधिक पानी पीना भी नुकसानदेह हो सकता है?
उत्तर: हां, अत्यधिक पानी पीने से ओवरहाइड्रेशन या ‘हाइपोनेट्रेमिया’ (Hyponatremia) हो सकता है। इसमें खून में सोडियम का स्तर बहुत कम हो जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसलिए जरूरत से ज्यादा पानी भी न पीएं, दिन में 3 से 4 लीटर पानी पर्याप्त है।
प्रश्न 3: डिहाइड्रेशन होने पर क्या तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
उत्तर: यदि डिहाइड्रेशन हल्का है, तो पानी, ORS या नारियल पानी पीकर इसे ठीक किया जा सकता है। लेकिन अगर व्यक्ति को बेहोशी आ रही हो, लगातार उल्टियां हो रही हों, आंखें धंस गई हों या 8 घंटे से पेशाब न आया हो, तो बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
प्रश्न 4: क्या चाय या कॉफी पीने से शरीर में पानी की कमी पूरी होती है?
उत्तर: नहीं, बल्कि इसके विपरीत चाय और कॉफी में कैफीन होता है, जो ‘डाईयूरेटिक’ की तरह काम करता है। इससे आपको बार-बार पेशाब आता है और शरीर में पानी की कमी और बढ़ सकती है। इसलिए डिहाइड्रेशन के उपाय के रूप में सादा पानी या प्राकृतिक पेय ही सर्वश्रेष्ठ हैं।
प्रश्न 5: क्या वजन घटाने में पानी मददगार है?
उत्तर: जी हां, पर्याप्त पानी पीने से आपका मेटाबॉलिज्म तेज होता है और यह भूख को भी नियंत्रित करता है। कई बार हमें भूख नहीं बल्कि प्यास लगी होती है, जिसे हम गलत समझकर खाना खा लेते हैं। पानी पीने से आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं।
प्रश्न 6: क्या स्किन टर्गर टेस्ट (Skin Turgor Test) से डिहाइड्रेशन का पता लगाया जा सकता है?
उत्तर: हां, यह एक आसान घरेलू तरीका है। अपने हाथ के पीछे की त्वचा को अपनी उंगलियों से थोड़ा ऊपर की ओर खींचें और छोड़ दें। अगर त्वचा तुरंत अपनी सामान्य स्थिति में आ जाती है, तो आप हाइड्रेटेड हैं। अगर त्वचा को वापस सामान्य होने में समय लगता है, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत है।
प्रश्न 7: क्या ओआरएस (ORS) के अलावा कोई और घरेलू इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक है?
उत्तर: हां, नारियल पानी, नमक-चीनी का घोल, छाछ (मट्ठा) और नींबू पानी बेहतरीन प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स हैं। जब भी आपको डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय अपनाने की जरूरत हो, आप इनका उपयोग कर सकते हैं।


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